Key Highlights
- अगस्त-आठ क्लॉज वाले जटिल ढाँचे से हटकर दो-खिड़की प्रणाली का परिचय, जिससे पारदर्शिता और निर्णय लेने की गति में वृद्धि हुई है।
- कोयले के दो अलग‑अलग लिंकिंग विकल्प: प्राथमिक उपयोगिताओं के लिए नोटिफाइड प्राइस पर आवंटन और नई निजी इकाइयों के लिए प्रीमियम प्राइस पर ऑक्शन।
- कोयला इंडिया लिमिटेड (CIL) और सिनगरनी कोलियरिस लिमिटेड (SCCL) द्वारा संयुक्त प्रशासन, साथ ही एक विशेष सक्षम समिति की स्थापना।
- अधिकांश संयंत्र प्रकारों के लिए पावर पर्चेज एग्रीमेंट (PPA) की आवश्यकता को हटाया गया, जिससे इंडिपेंडेंट पावर प्रोवाइडर्स को कम अग्रिम प्रतिबद्धताओं के साथ बाज़ार में प्रवेश करने में सुविधा मिली।
- इम्पोर्ट‑रेडक्शन प्रोत्साहन, विशेष रूप से इम्पोर्टेड कोयला आधारित संयंत्रों के लिए, बाहरी निर्भरता को कम करने में मदद करते हैं।
Detailed Insights
2025 में शासकीय समिति द्वारा अनुमोदित यह सुधारा हुआ नीति कोयले के आवंटन प्रक्रिया को स्पष्ट एवं दक्ष बनाती है। दो-विंडो ढाँचे के तहत, विंडो-I मुख्यतः केंद्रीय और राज्य क्षेत्र के थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स (TPPs) को नोटिफाइड मूल्य पर कोयला लिंकिंग प्रदान करती है, जबकि विंडो-II घरेलू एवं आयातित कोयले पर आधारित सभी पावर प्लांट्स के लिए प्रीमियम प्राइस पर ऑक्शन उपलब्ध कराती है। यह द्वि‑प्रणाली कम अवधि (12 महीने तक) और दीर्घ अवधि (25 वर्ष तक) दोनों के लिए ऑक्शन अवसर प्रदान करती है, जिससे उत्पादन इकाइयाँ अपने आपूर्ति शृंखला को लचीले ढंग से प्रबंधित कर सकती हैं।
क्रियान्वयन की जिम्मेदारी कोयला इंडिया और सिनगरनी कोलियरिस द्वारा ली गई है, जिसमें एक सक्षम समिति—जिसके सदस्यों में पावर सचिव, कोल सचिव एवं केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के अध्यक्ष शामिल हैं—ऑपरेशनल पहलुओं को संभालती है। यह समिति नीति के कार्यान्वयन को आसान बनाती है और आवश्यकतानुसार मंत्रालयों (MoC तथा MoP) को छोटा संशोधन अधिकार देती है।
मुख्य लाभों में नीति को 8 क्लौज से कम कर सिर्फ 2 विंडो में लाना, कोयला मांग प्रबंधन को बेहतर बनाना, नई स्वतंत्र पावर प्रोवाइडर्स के लिए प्रवेश बाधा को कम करना, तथा पिटहेड पावर प्लांट्स को बढ़ावा देना शामिल है, जिससे लॉजिस्टिक लागत और कार्बन पदचिह्न कम हो सकें। इसके अतिरिक्त, शेष विद्युत शक्ति का बाज़ार में विक्रय संभव बनकर ऊर्जा बाज़ार की सहभागिता गहरी हो जाती है।
साथ ही, इस नीति संशोधन से कोयला कंपनियों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं है।
Key Concepts
- Coal Linkage: कोयले की आपूर्ति श्रृंखला में एक औपचारिक संबंध, जिसका उपयोग पावर प्लांट को उपयुक्त मात्रा में कोयले की सही कीमत पर आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु किया जाता है।
- Window System: नीति के भीतर दो अलग-अलग विकल्प, जहाँ पहला विंडो नोटिफाइड प्राइस पर आवंटन करती है और दूसरा विंडो प्रीमियम प्राइस पर ऑक्शन के रूप में।
- Tariff‑Based Competitive Bidding (TBCB): प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया, जिसके द्वारा राज्य गेनको और अन्य संस्थाएं अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कोयला खरीदती हैं।
- Pithead Power Plant: वह पावर प्लांट जो सीधे कोयला खदान के पास स्थित होता है, जिससे परिवहन लागत और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है।
- Empowered Committee: एक विशेष समिति, जिसमें पावर सचिव, कोल सचिव और CEA के अध्यक्ष शामिल हैं, जो नीति के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार है।